सदर विधायक, डीएम, सीएमओ व प्रधानाचार्य ने टॉपर्स को किया सम्मानित, ‘कांफ्रेंस सोवेनियर’ का विमोचन
संवाददाता
लखीमपुर खीरी (संज्ञान दृष्टि)। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, देवकली में आयोजित उत्तर प्रदेश के पहले अंतरराष्ट्रीय मेडिकल अल्ट्रूइज्म सम्मेलन में उत्साह और गौरव का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं को मंच पर सम्मानित किया गया। सदर विधायक योगेश वर्मा, जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता एवं प्रधानाचार्य डॉ. वाणी गुप्ता ने कॉलेज के प्रथम बैच के प्रथम वर्ष में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों—अखिलेश यादव (प्रथम), छवि गुप्ता (द्वितीय), मनीषा वर्मा एवं उदा खान (तृतीय)—को सम्मानित किया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा ‘कांफ्रेंस सोवेनियर’ का भी विमोचन किया गया।


सदर विधायक योगेश वर्मा ने कहा कि पहले सीमित मेडिकल कॉलेज और सीटों के कारण कई प्रतिभाशाली छात्र वंचित रह जाते थे, लेकिन ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ योजना के तहत प्रदेश में लगभग 51 सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित कर चिकित्सा शिक्षा में क्रांतिकारी परिवर्तन लाया गया है। उन्होंने मेडिकल अल्ट्रूइज्म को महत्वपूर्ण बताते हुए छात्रों को लगन से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कॉलेज के पहले बैच के सफल प्रथम वर्ष को बड़ी उपलब्धि बताया और मेधावी छात्रों को संस्थान की मजबूत नींव कहा। उन्होंने सम्मेलन की थीम “परोपकारार्थमिदं शरीरम्” को सार्थक बताते हुए अंगदान के प्रति जागरूकता को जीवन बचाने का प्रभावी माध्यम बताया। सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा में विज्ञान और मानवता का समन्वय ही सबसे बड़ी शक्ति है। मेडिकल अल्ट्रूइज्म अंग विफलता से जूझ रहे मरीजों के लिए जीवनदायी साबित हो सकता है और यह सम्मेलन नई सोच को प्रोत्साहित करेगा। प्रधानाचार्य डॉ. वाणी गुप्ता ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए ओपन जिम, फुटबॉल किट सहित कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने अंगदान के महत्व पर जोर देते हुए इसे जन-जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।




