आरपीआई ने यूपी में भाजपा से मांगीं 10 सीटें, 200 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का विकल्प
लखनऊ में केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले की मौजूदगी में पदाधिकारी समीक्षा बैठक और प्रेस वार्ता, संगठन विस्तार व चुनावी रणनीति पर चर्चा

विशेष संवाददाता
लखनऊ, 27 अक्टूबर। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) ने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट करते हुए एनडीए गठबंधन के तहत भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से 10 सीटों की मांग रखी है। पार्टी ने यह भी कहा है कि यदि गठबंधन में सीटों पर सहमति नहीं बनती है तो वह प्रदेश की 200 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने का विकल्प अपनाएगी। यह घोषणा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. रामदास आठवले की लखनऊ में आयोजित पदाधिकारी समीक्षा बैठक एवं प्रेस वार्ता के दौरान सामने आई। 27 अक्टूबर को लखनऊ के सहकारिता भवन में आयोजित बैठक में डॉ. रामदास आठवले मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पवन भाई गुप्ता ने की। इस दौरान संगठन की गतिविधियों, प्रदेश में जनाधार बढ़ाने और आगामी चुनावों की तैयारियों पर चर्चा की गई।


बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पवन भाई गुप्ता ने संगठन के विस्तार की जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में पार्टी का जनाधार बढ़ रहा है। संगठन को गांव, ब्लॉक, जिला और मंडल स्तर से लेकर बूथ स्तर तक मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है। पार्टी पदाधिकारियों ने संगठन को और सक्रिय बनाने तथा वंचित वर्गों तक अपनी पहुंच बढ़ाने का संकल्प लिया। आरपीआई (आठवले) ने अपने राजनीतिक और सामाजिक एजेंडे में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों को प्रमुख बताया। पार्टी के अनुसार उसका उद्देश्य दलित, पिछड़े, शोषित, पीड़ित, अल्पसंख्यक और अन्य वंचित वर्गों के अधिकारों की आवाज उठाना है।
एनडीए के साथ 12 वर्षों की सहभागिता का हवाला
पार्टी ने भाजपा के साथ राष्ट्रीय स्तर पर पिछले 12 वर्षों से अधिक समय से गठबंधन में रहने का उल्लेख करते हुए एनडीए के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। आरपीआई (आठवले) का कहना है कि उसने गठबंधन की नीतियों और जनहित से जुड़े निर्णयों का समर्थन किया है। इसी आधार पर पार्टी अब उत्तर प्रदेश में अपने बढ़ते जनाधार के अनुरूप चुनाव में अधिक भागीदारी चाहती है। पार्टी नेतृत्व का दावा है कि प्रदेश में शोषित और वंचित वर्गों के बीच उसका समर्थन बढ़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के समक्ष 10 विधानसभा सीटों की मांग रखी गई है। पार्टी का मानना है कि गठबंधन के तहत उसे पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलने से एनडीए को चुनाव में लाभ हो सकता है।
200 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी का दावा
आरपीआई (आठवले) ने स्पष्ट किया कि उसकी प्राथमिकता एनडीए गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की है। हालांकि, यदि 10 सीटों की मांग पर सहमति नहीं बनती है तो पार्टी ने उत्तर प्रदेश की 200 विधानसभा सीटों पर स्वतंत्र रूप से प्रत्याशी उतारने का विकल्प खुला रखा है। पार्टी नेतृत्व ने इसके लिए संगठनात्मक तैयारियों और कार्यकर्ताओं की सक्रियता का हवाला दिया। प्रेस वार्ता में प्रदेश महासचिव आलोक दुबे और सलीम मलिक, प्रदेश मीडिया प्रभारी एसपी सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष आदित्य गुप्ता, प्रदेश सचिव जयप्रकाश बिन्द और विमल भारती, विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव रोशन खत्री, दिव्यांग प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव नागेश कुमार, प्रदेश प्रवक्ता पीसी चौधरी और खुशी राम चौधरी तथा प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मंगलेश शुक्ला सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक के समापन पर पार्टी नेताओं ने सामाजिक समानता, समरसता और विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।




