gayaअपराध

गया में चर्चित जमीनी विवाद के आरोपी अभियुक्त रामजी पासवान ने कोर्ट मे किया आत्मसमर्पण कर की न्याय की मांग

 

न्यायालय में टाइटल सूट लंबित रहने के बावजूद जमीन की घेराबंदी कराने का आरोप

(ब्यूरो रिपोर्ट सं दृ०)

गयाजी। गया शहर के चंदौती थाना क्षेत्र अंतर्गत बालदेव नगर, चढ़ौती में चर्चित जमीन विवाद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में अभियुक्त रामजी पासवान ने सोमवार को गया सिविल कोर्ट में आत्मसमर्पण कर न्याय की गुहार लगाई। आत्मसमर्पण से पहले उन्होंने अपनी खतियानी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश और अपने परिवार को मारपीट एवं बमबारी के मामले में फंसाने की साजिश का आरोप लगाया। वहीं, पुलिस के वरीय पदाधिकारी ने सोशल मीडिया और कुछ मीडिया चैनलों पर प्रसारित बमबारी की खबर को गलत एवं भ्रामक बताया है

आरोपी रामजी पासवान ने क्या लगाए आरोप?

रामजी पासवान के आरोपों के अनुसार, विवादित जमीन उनकी खतियानी जमीन है और उसके संबंध में गया सिविल कोर्ट में टाइटल सूट लंबित है। इसके बावजूद सतेंद्र नारायण सिंह द्वारा जबरन दर्जनों लोगों को लगाकर जमीन की घेराबंदी कराने और कब्जा की जा रही थी। जिसकी शिकायत चंदौती थाना को दिया पर पुलिस पर विवादित जमीन कब्जे का काम बंद नहीं करा सकी।

रामजी पासवान का आरोप है कि उन्होंने इस कार्रवाई का विरोध किया और निर्माण कार्य रोकने की कोशिश किया तो। सतेंद्र नारायण सिंह के लोगो द्वारा से उन्हें और उनके परिजनों को मारपीट करने लगे बचाव में हमलोग भी जवाब हमलोगो के बीच हाथबाई हुई उसके बाद दर्जनों लोग लाठी डंडे लेकर पहुंचे और मारपीट हुई उन लोगों द्वारा धमका की गई फिर सतेंद्र नारायण शर्मा द्वारा हमलोगों को बमबारी के मामले में फंसाने की साजिश रची गई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर मारपीट और बमबारी से संबंधित वीडियो प्रसारित किए गए। रामजी पासवान ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर मामले में न्याय की मांग की।

हालांकि, रामजी पासवान की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस संबंध में दूसरे पक्ष का विस्तृत बयान भी उपलब्ध नहीं है।

पुलिस का पक्ष: बमबारी की खबर को बताया भ्रामक

पुलिस के वरीय पदाधिकारी के अनुसार, 24 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 11 बजे चंदौती थानाध्यक्ष को बालदेव नगर में जमीन विवाद की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया था।

पुलिस के अनुसार, उसी दिन दोपहर करीब दो बजे दोबारा सूचना मिली कि 40-50 लोग विवादित जमीन पर पहुंचकर चारदीवारी निर्माण रोक रहे हैं और तोड़फोड़ कर रहे हैं। सूचना में गोलीबारी एवं बमबारी की बात भी सामने आई थी।

हालांकि, पुलिस के वरीय पदाधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और कुछ मीडिया चैनलों पर प्रसारित उस खबर को गलत एवं भ्रामक बताया, जिसमें सेवानिवृत्त एडीजी महावीर पासवान और उनके बेटे पर जमीन विवाद में मारपीट एवं बमबारी करने का आरोप लगाए जाने की बात कही जा रही थी।

चंदौती थानाध्यक्ष ने क्या कहा?

चंदौती थानाध्यक्ष के अनुसार, जमीन विवाद की शिकायत मिलने पर पुलिस पदाधिकारी को मौके पर भेजकर निर्माण कार्य रुकवाने का प्रयास किया गया था। दोनों पक्षों को जमीन से संबंधित कागजात लेकर थाने बुलाया गया था।

थानाध्यक्ष ने बताया कि एक पक्ष द्वारा निर्माण कार्य जारी रखने के कारण विवाद बढ़ गया। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच-पड़ताल  की जा रही है। उनके अनुसार, अब तक दो लोगों को जेल भेजा जा चुका है।

फिलहाल, जमीन के स्वामित्व, कब्जे के आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की स्थिति पुलिस जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

Copyright :

कृपया संपादक, लेखक की अनुमति के बिना किसी भी लेख की नकल ना करें । इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी स्वीकृत लेख www.sangyandristinews.com और संबंधित लेखकों को छोड़कर संपादकों द्वारा संपादित किया जाता है । लेख / समाचार आदि की नकल करने पर आपके खिलाफ कॉपीराइट एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया जा सकता है ।

ranjeet kumar

Ranjeet Kumar Bureau Chief Gaya Bihar

Related Articles

Back to top button