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ब्रह्म वन में गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प, विश्व पर्यावरण दिवस पर हुआ भव्य वृक्षारोपण महाअभियान

“प्रकृति से प्रेरित – जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए” थीम पर सैकड़ों पौधे लगाए गए, हजारों लोगों तक पहुंचा हरियाली का संदेश

डॉ रामानुज
गया (संदृ) । विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर गया के प्रसिद्ध ब्रह्म वन में पर्यावरण संरक्षण को समर्पित भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूरे परिसर में हरियाली, उत्साह और प्रकृति संरक्षण के संकल्प की अनूठी झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में वन विभाग, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्कूली बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए पर्यावरण बचाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार विधानसभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति मानव जीवन का आधार है और इसकी रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील की। इस अवसर पर डीएफओ शशिकांत कुमार एवं क्षेत्र पदाधिकारी आरती कुमारी के नेतृत्व में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। ब्रह्म वन परिसर में सैकड़ों फलदार एवं छायादार पौधे लगाए गए। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष की थीम के अनुरूप जैव विविधता संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। कार्यक्रम में मानपुर बीस सूत्री सदस्य धनंजय शर्मा, स्वाब संस्था के संस्थापक अध्यक्ष एवं समाजसेवी डॉ. रामानुज महाराज, अजय कुशवाहा, विकास कुमार, पप्पू चन्द्रवंशी, ज्योति दांगी, अरविंद वर्मा, कुंडल वर्मा, धनंजय कुमार धीरू, डॉ. जेड खान, मोहन शर्मा, देवानंद पासवान, संतोष कुमार, भोला वर्मा, गौतम गोस्वामी, राहुल, साकेत जी और शशांक मिश्रा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। धनंजय शर्मा ने कहा कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्यावरण के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है और लोग प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत पर्यावरण जागरूकता नारे और संदेश रहे, जिन्होंने उपस्थित लोगों को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित किया। अंत में सभी ने एक स्वर में “हरियाली बढ़ाओ, धरती बचाओ” का संकल्प लिया। वन विभाग ने घोषणा की कि ब्रह्म वन को भविष्य में इको-टूरिज्म एवं पर्यावरण शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे नई पीढ़ी प्रकृति के साथ जुड़कर पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझ सके।

 

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