दुष्कर्म के प्रयास व पॉक्सो एक्ट मामले में अभियुक्त को 5 वर्ष की सजा
संवाददाता
लखीमपुर खीरी (संज्ञान दृष्टि)। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट, लखीमपुर खीरी के विद्वान न्यायाधीश श्री विष्णु देव सिंह ने सरकार बनाम सैफ अली वाद में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए अभियुक्त सैफ अली को दोषी करार दिया। न्यायालय ने अभियुक्त को 5 वर्ष के कारावास तथा ₹3000 के अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजन के अनुसार थाना पलिया में मुकदमा अपराध संख्या 333/2017, धारा 376, 511, 506 भारतीय दंड संहिता तथा 5एम/6 पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया था। मामले में अभियुक्त सैफ अली पुत्र सबर हुसैन निवासी अतरिया बड़ागांव, थाना पलिया, जनपद लखीमपुर खीरी पर आरोप था कि 13 दिसंबर 2017 को वह पीड़िता को मोटरसाइकिल पर बैठाकर एक खेत में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया। साथ ही घटना की जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की धमकी भी दी। मामले की विवेचना पूर्ण होने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। अभियोजन पक्ष ने अपने पक्ष में कुल 9 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए तथा 6 गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। इनमें पीड़िता, वादी करम अली, डॉ. पुष्प लता, विवेचक दिलीप कुमार प्रजापति, वादी की पत्नी तथा डॉ. पुलकित भल्ला सहित अन्य गवाह शामिल रहे। सभी प्रमुख गवाहों ने अभियोजन कथानक का समर्थन किया। साक्ष्यों एवं गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषसिद्ध पाते हुए 5 वर्ष के कारावास एवं ₹3000 के जुर्माने की सजा सुनाई। मामले में अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) बृजेश कुमार पांडे द्वारा की गई।




