आउटसोर्स सेवा निगम का गठन न होने पर कर्मचारियों ने खोला मोर्चा
लखीमपुर खीरी में उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग एवं संविदा कर्मचारी संघ का सम्मेलन सम्पन्न, लाखों कर्मचारियों के हित में सरकार से की गईं अहम मांगें
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग एवं संविदा कर्मचारी संघ के तत्वावधान में रविवार को लखीमपुर खीरी में आउटसोर्स एवं संविदा कर्मचारियों का भव्य सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में शिक्षा विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, जल निगम, श्रम विभाग, सीसी एजुकेटर, धर्म कांटा, ग्रामीण चौकीदार, ग्राम पंचायत कर्मचारी, पंचायत सहायक, रोजगार सेवक, आउटसोर्स, संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वैभव मिश्रा ने की तथा संचालन अनूप मिश्रा ने किया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग एवं संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बाजपेई रहे। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सुभाष शुक्ला, धीरेंद्र वर्मा, अमित जी, गौरव जी सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि दीपक बाजपेई ने कहा कि प्रदेश के लाखों आउटसोर्स एवं संविदा कर्मचारी वर्षों से विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें स्थायी नौकरी की सुरक्षा, सम्मानजनक वेतन, महंगाई भत्ता, समय से वेतन और अन्य वैधानिक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का शोषण अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सम्मेलन में सर्वसम्मति से मांग की गई कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शीघ्र गठन किया जाए, सभी आउटसोर्स एवं संविदा कर्मचारियों को 60 वर्ष की आयु तक नौकरी की सुरक्षा प्रदान की जाए, समान कार्य के लिए समान वेतन लागू किया जाए तथा नियमित कर्मचारियों की तरह महंगाई भत्ता (डीए), ईपीएफ, ईएसआई, बोनस, अवकाश एवं अन्य सभी वैधानिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही ठेकेदारी व्यवस्था में व्याप्त मनमानी पर रोक लगाने और प्रत्येक माह समय से वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की भी मांग की गई। सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण वर्तमान वेतन में कर्मचारियों का परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। सरकार को कर्मचारियों के हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।सम्मेलन के अंत में कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग एवं संविदा कर्मचारी संघ प्रदेशव्यापी लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।




