अपराध

6 महीने में 153 अपराधी सलाखों के पीछे, 97 किलो गांजा-3,680 लीटर शराब जब्त… फिर भी NRI कांड बना गया रेल पुलिस की सबसे बड़ी चुनौती!

डॉ. रामानुज

रेल थाना, गयाजी (संदृ) । राजकीय रेल थाना, गया ने वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में अपराध और नशा तस्करी के खिलाफ ऐसा जबरदस्त अभियान चलाया कि अपराधियों में खलबली मच गई। जनवरी से 26 जून तक की कार्रवाई में रेल पुलिस ने 153 अपराधियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया, जबकि 97 किलोग्राम गांजा, 3,680 लीटर अवैध शराब, 44 ग्राम सोना, 604 ग्राम चांदी, 148 मोबाइल समेत कई कीमती सामान बरामद कर बड़ी सफलता हासिल की है। रेल पुलिस अधीक्षक द्वारा की गई अर्धवार्षिक समीक्षा में राजकीय रेल थाना, गया के कार्यों को उल्लेखनीय बताया गया। थानाध्यक्ष शिव कुमार यादव के नेतृत्व में पुलिस ने न केवल अपराधियों पर शिकंजा कसा, बल्कि लंबित मामलों के निष्पादन में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया।

अपराधियों पर बड़ी चोट, लंबित मामलों में भी आई कमी

समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, छह महीनों में 186 मामलों का निष्पादन किया गया। इसके परिणामस्वरूप लंबित कांडों की संख्या 114 से घटकर 96 रह गई। वहीं यूडी (अप्राकृतिक मृत्यु) मामलों की संख्या भी 100 से घटकर 52 पर पहुंच गई, जो पुलिस की सक्रियता को दर्शाता है।

148 मोबाइल, लैपटॉप, टैब और बाइक बरामद

चोरी और गुमशुदगी के 133 मामलों में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 148 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक टैबलेट और एक मोटरसाइकिल बरामद की। बरामद सामान उसके वास्तविक मालिकों को सौंपकर पुलिस ने पीड़ितों के चेहरों पर मुस्कान लौटाई।

नशा तस्करों की कमर टूटी

रेल पुलिस ने मादक पदार्थों और शराब तस्करी के खिलाफ भी जोरदार अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने — 97 किलोग्राम गांजा, 1337 लीटर विदेशी शराब, 2343 लीटर देसी शराब, 15 किलोग्राम पॉपी हस्क, 44 ग्राम सोना, 604 ग्राम चांदी इत्यादि जब्त कर तस्करों के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया।

लेकिन… NRI कांड अब भी बना सबसे बड़ी चुनौती

इन तमाम उपलब्धियों के बावजूद गया रेल थाना कांड संख्या-108/26, जिसे चर्चित NRI कांड के नाम से जाना जा रहा है, अब भी रेल पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। रेल पुलिस अधीक्षक की समीक्षा बैठक में इस हाई-प्रोफाइल मामले की प्रगति पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। छह महीनों में अपराध के खिलाफ शानदार उपलब्धियां हासिल करने वाली पुलिस अभी तक इस बहुचर्चित कांड का खुलासा नहीं कर सकी है, जिससे इस केस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

तकनीकी साक्ष्यों पर फोकस, हर एंगल से जांच जारी

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, NRI कांड के खुलासे के लिए रेल पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल डेटा और अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन जांच कर रही है। विभागीय स्तर पर भी इस केस की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

अब सबसे बड़ा सवाल…

छह महीनों में अपराधियों की कमर तोड़ने वाली गया रेल पुलिस ने कई बड़ी उपलब्धियां अपने नाम की हैं। लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पुलिस जल्द ही बहुचर्चित NRI कांड की गुत्थी सुलझाकर अपनी उपलब्धियों में सबसे बड़ा अध्याय जोड़ पाएगी? फिलहाल, पूरे रेल महकमे और आम लोगों की निगाहें इसी हाई-प्रोफाइल मामले के खुलासे पर टिकी हुई हैं।

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