यूपी कैबिनेट के 22 प्रस्तावों को मंजूरी, पशुपालन से लेकर एक्सप्रेसवे और उद्योगों तक कई अहम फैसले
यूपी कैबिनेट के 22 प्रस्तावों को मंजूरी, पशुपालन से लेकर एक्सप्रेसवे और उद्योगों तक कई अहम फैसले

सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर निर्णय; शिक्षा, स्वास्थ्य, निवेश और शहरी विकास पर विशेष जोर*
नफीस अहमद
लखनऊ (संज्ञान दृष्टि)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इन प्रस्तावों में पशुपालन को बढ़ावा देने, सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, औद्योगिक निवेश आकर्षित करने, एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार और शहरी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने से जुड़े विषय शामिल हैं।

पशुपालन को बढ़ावा देने पर जोर
कैबिनेट से जुड़े प्रस्तावों में पशुपालन क्षेत्र के लिए आर्थिक सहायता और पशुधन संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। गाय के लिए 50 हजार रुपये तक अनुदान देने का प्रस्ताव, पशुओं के बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा सरकार द्वारा वहन करने तथा राज्य पशुधन मिशन को मंजूरी देने संबंधी बिंदु शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा देना और पशुधन क्षेत्र को प्रोत्साहित करना बताया गया है।
पात्र कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा
शिक्षा एवं स्वास्थ्य से संबंधित प्रस्तावों के तहत बेसिक शिक्षा विभाग के पात्र कर्मचारियों के साथ माध्यमिक और संस्कृत विद्यालयों के पात्र कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का विषय शामिल है। इसके अतिरिक्त मैनपुरी स्थित सैनिक स्कूल के लिए 9.524 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी सूची में शामिल है।
औद्योगिक निवेश और रोजगार को बढ़ावा
औद्योगिक विकास के क्षेत्र में लखनऊ और हरदोई में 1,000 एकड़ क्षेत्र में टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव शामिल है। इसके अलावा PRAGATI रोबोटिक्स पार्क की स्थापना और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति के अंतर्गत निवेश प्रस्तावों को मंजूरी देने संबंधी विषय भी सूचीबद्ध हैं। कंपनियों के मर्जर और डीमर्जर से जुड़े स्टांप ड्यूटी संबंधी प्रस्ताव को भी कैबिनेट के फैसलों में शामिल बताया गया है। इन पहलों से औद्योगिक गतिविधियों, निवेश और रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर ध्यान
प्रदेश में सड़क संपर्क बेहतर बनाने के उद्देश्य से फर्रुखाबाद, झांसी और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे से जुड़े प्रस्तावों के साथ आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक का विषय भी शामिल है। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026 को मंजूरी देने तथा झांसी-ललितपुर क्षेत्र में गोदामों के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने से संबंधित प्रस्ताव भी सूची में शामिल हैं।
प्रयागराज में आवास और ऑडिटोरियम निर्माण
अन्य विकास प्रस्तावों में प्रयागराज में हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 आवास बनाने और ऑडिटोरियम के निर्माण का विषय शामिल है। कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल स्थापित करने तथा प्रदेश में साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर की स्थापना से जुड़े प्रस्ताव भी सूचीबद्ध हैं।
लखनऊ और वाराणसी में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
राजधानी लखनऊ और धार्मिक नगरी वाराणसी में सीवरेज तथा पेयजल परियोजनाओं से जुड़े प्रस्ताव भी कैबिनेट के फैसलों में शामिल बताए गए हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहरी जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को बेहतर बनाने में योगदान देना है।




