सुकीर्ति गुप्ता
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लखीमपुर खीरी
संघर्षों की तपिश से निकली सफलता की रोशनी
“उद्धरेदात्मनात्मानं नात्मानमवसादयेत्। आत्मैव ह्यात्मनो बन्धुरात्मैव रिपुरात्मनः॥” (श्रीमद्भगवद्गीता 6.5) अर्थ : मनुष्य को स्वयं अपने प्रयासों से अपना उत्थान करना चाहिए,…
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