गया में बाल विवाह उन्मूलन को लेकर आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाओं को दिया गया प्रशिक्षण, जागरूकता रथ रवाना
बाल संरक्षण और बाल विवाह की रोकथाम पर जोर, पंचायत से अनुमंडल स्तर तक समन्वय बनाकर कार्रवाई करने की अपील
(ब्यूरो संज्ञान दृष्टि)
गया मे बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को नगर प्रखंड सभागार भवन, गया में आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाओं का अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार, पटना के तत्वावधान में कवच परियोजना (सेंटर डायरेक्ट) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में बाल विवाह उन्मूलन एवं बाल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

इस अवसर पर महिला विकास निगम की जिला परियोजना प्रबंधक जयवंती सिन्हा ने जन जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ विभिन्न पंचायतों में जाकर लोगों को बाल विवाह की रोकथाम, बाल संरक्षण और बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक करेगा। अभियान 21 अक्टूबर से 21 दिसंबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण में नगर, चंदौती, मानपुर, बेलागंज, वजीरगंज, टनकुप्पा एवं बोधगया प्रखंड की आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाओं को बाल विवाह की पहचान, रोकथाम और बाल संरक्षण तंत्र की भूमिका की जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि पंचायत स्तर पर बाल विवाह की सूचना मिलने पर पंचायत बाल संरक्षण समिति, महिला हेल्प डेस्क एवं चाइल्ड हेल्प डेस्क को सूचित किया जाए। वहीं, प्रखंड स्तर पर बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) तथा अनुमंडल स्तर पर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) को जानकारी देकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं पर्यवेक्षिकाओं को संवेदनशील परिस्थितियों में रह रहे बच्चों और उनके परिवारों की पहचान कर उन्हें सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से संबंधित POSH अधिनियम तथा महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए उपलब्ध सरकारी हेल्पलाइन की जानकारी भी दी गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य बाल विवाह के विरुद्ध जनभागीदारी बढ़ाना, बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत करना और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना है, ताकि बच्चों को बाल विवाह से बचाकर सुरक्षित एवं बेहतर भविष्य प्रदान किया जा सके।



