उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के पांच जिलों में योगी सरकार बनाएगी बाईपास, हल होगी यातायात जाम की समस्या

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 63 जिलों में यातायात जाम की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए बाईपास की सुविधा उपलब्ध है। कुछ में बाईपास का निर्माण किया जा रहा है।

लोनिवि ने शासन को रिपोर्ट दी है कि वर्तमान में 12 जिलों में बाईपास या रिंग रोड नहीं है। इसकी वजह से लोगों को यातायात जाम की समस्या झेलनी पड़ रही है। इन जिलों में बहराइच, गोंडा, मीरजापुर, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, औरैया, भदोही, बुलंदशहर, संभल, चंदौली, बागपत व श्रावस्ती के नाम शामिल हैं।इनमें से पांच जिलों बहराइच, गोंडा, मीरजापुर, मैनपुरी व फर्रुखाबाद में बाईपास बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। बाईपास निर्माण के लिए संबंधित जिलाधिकारियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं।

साथ ही उन्हें स्पष्ट किया गया है कि जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करके प्रस्ताव तैयार किया जाए। जिलाधिकारियों से प्रस्ताव मिलने के बाद बाईपास के निर्माण को कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा।लोनिवि ने शासन को भेजी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि फिलहाल औरैया, भदोही, बुलंदशहर, संभल, चंदौली व बागपत तथा श्रावस्ती में अलग से बाईपास के निर्माण की जरूरत नहीं है। इन जिलों के पास से निकलने वाले छह राष्ट्रीय राजमार्गों को केंद्र सरकार की मदद से बाईपास के रूप में तब्दील किया जा सकता है, जबकि बहराइच, गोंडा, मीरजापुर व मैनपुरी में बाईपास के निर्माण की जरूर बताई गई है।

नतीजतन उक्त जिलों में बाईपास के निर्माण को कार्ययोजना में शामिल किए जाने से पहले जिलाधिकारियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। साथ ही फर्रुखाबाद में बनने वाले बाईपास के निर्माण पर 626.60 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान विभाग ने लगाया है। शासन ने बाईपास व रिंग रोड के निर्माण के लिए 350 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान भी कर रखा है, जिसे बढ़ाकर 1,050 करोड़ रुपये किया जा सकता है। इस बारे में लोनिवि के विभागाध्यक्ष योगेश पवार ने बताया कि जिलाधिकारियों से प्रस्ताव मिलने के बाद कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा।

pranjal srivastava

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