कमिश्नर के आदेश की अवहेलना का आमस अंचल अधिकारी पर मुखिया ने आरोप

संवाददाता गया
गया (संज्ञानदृष्टि) आमस प्रखंड के कलवन पंचायत के मुखिया जानकी चौहान ने आमस अंचलाधिकारी अरशद मदनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भूमि विवाद से जुड़े मामलों में कमिश्नर के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि संबंधित जमीन मामले में कमिश्नर द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद अब तक दखल-कब्जा नहीं दिलाया गया है।

मुखिया ने बताया कि अपनी चार जमीनों के म्यूटेशन के लिए वे पिछले चार महीनों से लगातार प्रखंड एवं अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंचल कार्यालय में उनकी शिकायतों और ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना जाता। जानकी चौहान ने कहा कि अंचल और प्रखंड कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ कई बार धरना-प्रदर्शन करने के कारण उन्हें प्रशासनिक उपेक्षा और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न का भी आरोप लगाया। मुखिया ने यह भी दावा किया कि पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा आमस सीओ को हटाने की बात कही गई थी, इसके बावजूद वे अब भी पद पर बने हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत करने पर उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि “जहां जाना है जाइए, कुछ नहीं होने वाला।” मुखिया ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों पर आमस अंचलाधिकारी अरशद मदनी का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। उनका पक्ष मिलने पर समाचार में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।




