सेवा भारती के किशोरी विकास प्रशिक्षण वर्ग का समापन, 88 बहनों ने लिया संस्कार व नेतृत्व का प्रशिक्षण

गौरव यादव संवाददाता
लखनऊ ( संज्ञान दृष्टि)। सेवा भारती अवध प्रांत द्वारा आयोजित आठ दिवसीय “किशोरी विकास प्रशिक्षण वर्ग-2026” का भव्य एवं गरिमामय समापन रविवार को लखनऊ स्थित महामना सरस्वती शिशु मंदिर, अर्जुनगंज में सम्पन्न हुआ। वर्ग में अवध प्रांत के विभिन्न जिलों से आई 88 प्रतिभागी बहनों ने सहभागिता करते हुए व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता, सेवा भावना, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से संबंधित विविध विषयों का प्रशिक्षण प्राप्त किया।


समापन समारोह के मुख्य वक्ता ओमपाल जी ने कहा कि प्रशिक्षण वर्ग में प्राप्त ज्ञान, संस्कार, कौशल एवं अनुभव को अपने दैनिक जीवन में उतारना ही प्रशिक्षण की वास्तविक सफलता है। उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र के विकास में महिलाओं एवं किशोरियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किशोरियां संस्कारित, आत्मविश्वासी एवं सक्षम बनती हैं तो परिवार, समाज और राष्ट्र स्वतः सशक्त होता है। उन्होंने प्रतिभागी बहनों का आह्वान किया कि वे सेवा, संस्कार एवं नेतृत्व के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर समाज के लिए प्रेरणा बनें। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पवन सिंह चौहान ने कहा कि वर्तमान समय में किशोरियों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे प्रशिक्षण वर्गों की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सेवा भारती द्वारा आयोजित यह वर्ग न केवल ज्ञान प्रदान करता है, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन, राष्ट्रभावना और सामाजिक चेतना का भी विकास करता है। उन्होंने सेवा भारती के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संगठन समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर सेवा और संस्कार का कार्य कर रहा है। वर्गाधिकारी मंजू दीदी ने वर्ग का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि 7 जून से 14 जून तक चले इस प्रशिक्षण वर्ग में विभिन्न विषय विशेषज्ञों एवं समाज जीवन के अनुभवी व्यक्तित्वों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया गया। वर्ग के दौरान भारतीय संस्कृति, पंचकोशीय विकास, किशोरावस्था की चुनौतियां, महिला सशक्तिकरण, परिवार एवं समाज में महिलाओं की भूमिका, आपदा प्रबंधन, रक्तदान जागरूकता, मातृत्व, नेतृत्व एवं कर्तृत्व, बालिका सुरक्षा तथा तनाव प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण केवल बौद्धिक सत्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रतिभागी बहनों को व्यवहारिक एवं कौशल आधारित प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। मेहंदी कला, राखी निर्माण, हल्दी एवं मेहंदी से आभूषण निर्माण, स्क्रंची निर्माण तथा “बेस्ट फ्रॉम वेस्ट” जैसी कार्यशालाओं के माध्यम से बहनों को आत्मनिर्भरता, सृजनशीलता एवं स्वरोजगार के अवसरों से परिचित कराया गया। इन गतिविधियों में प्रतिभागी बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समापन समारोह में प्रतिभागी बहनों द्वारा देशभक्ति गीत, समूह गान, योग प्रदर्शन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बहनों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया। पूरे समारोह में अनुशासन, आत्मीयता एवं उत्साह का वातावरण बना रहा। दीक्षांत सत्र के अंतर्गत सभी 88 प्रतिभागी बहनों को प्रशिक्षण पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने बहनों को समाज एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने तथा प्रशिक्षण में प्राप्त संस्कारों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प दिलाया।कार्यक्रम में सेवा भारती अवध प्रांत के प्रांत सेवा प्रमुख देवेंद्र अवस्थाना, प्रांत उपाध्यक्ष मनोरमा दीदी, प्रांत कोषाध्यक्ष एम.बी.एस. रजावत, प्रांत प्रचार प्रमुख अभिषेक जी, प्रांत आपदा प्रबंधन प्रमुख सूर्य प्रकाश तिवारी, प्रांत किशोरी विकास प्रमुख कविता दीदी सहित अनेक प्रांतीय पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अंत में सेवा भारती अवध प्रांत के अध्यक्ष श्री रवीन्द्र सिंह गंगवार ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रशिक्षकों, सहयोगियों एवं प्रतिभागी बहनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्कारित एवं सशक्त किशोरियां ही भविष्य के सशक्त समाज और राष्ट्र की आधारशिला हैं। उन्होंने वर्ग के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों का अभिनंदन किया। उल्लेखनीय है कि सेवा भारती अवध प्रांत द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण वर्ग किशोरियों में सेवा भावना, राष्ट्रभक्ति, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं भारतीय जीवन मूल्यों को विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास सिद्ध हुआ है। वर्ग के समापन पर प्रतिभागी बहनों ने समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के प्रति संवेदनशील रहते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।




