धर्म

तिरंगे में लिपटकर घर लौटे वीर अश्विनी: पत्नी-बच्चों की चीखों से गूंज उठा गांव, मातृभूमि पर न्योछावर हुआ लाल”

चंदन कुमार
गया सदर गयाजी (संज्ञान दृष्टि) गया जिले के अतरी थाना क्षेत्र अंतर्गत पचरुखी गांव आज अपने वीर सपूत के स्वागत की तैयारी कर रहा है, लेकिन यह स्वागत खुशी का नहीं बल्कि आंखों को नम कर देने वाला है। देश की रक्षा करते हुए बीकानेर में सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवान अश्विनी कुमार का पार्थिव शरीर आज उनके पैतृक गांव लाया जाएगा।

जैसे ही उनके शहीद होने की खबर गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। सबसे हृदयविदारक दृश्य उनके घर का है, जहां पत्नी और मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। पति और पिता को खोने का दर्द उनके चेहरे पर साफ झलक रहा है। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर हर किसी की आंखें नम हो रही हैं। गांव की महिलाएं उन्हें ढांढस बंधाने में जुटी हैं, लेकिन इस अपूरणीय क्षति के सामने शब्द भी बेबस नजर आ रहे हैं। परिजनों के अनुसार, वीर जवान का पार्थिव शरीर आज पचरुखी गांव पहुंचेगा। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी पहुंच सकते हैं। अश्विनी कुमार का एक आवास वजीरगंज के फतेहपुर रोड स्थित भी है, जहां सुबह से ही शोक व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ है। गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है। हर आंख नम है, लेकिन अपने वीर सपूत की शहादत पर लोगों को गर्व भी है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अश्विनी कुमार ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देकर पूरे जिले और प्रदेश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए देशभक्ति, साहस और समर्पण की अमिट मिसाल बनकर हमेशा याद किया जाएगा।

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